कटहल के स्वास्थ्य लाभ – कैसा सेवन करे -Jackfruit and How to Eat it

कटहल के स्वास्थ्य लाभ – कैसा सेवन करे -Jackfruit and How to Eat it

कटहल स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है, परन्तु इसके पूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए इसका सही तरीके से पाचन होना बहुत आवश्यक है. यह वजन बढ़ाता है और शरीर को शक्ति प्रदान करता है.

कटहल के स्वास्थ्य लाभ और भोजन के रूप में इसका प्रयोग

how to eat jackfruit in hindi

यह कटहल (Artocarpusheterophyllus) का मौसम है. यह फल अपनी मादक सुगंध और रंग के कारण बाज़ार में छा जाता है. लोग कटहल की दुकानों पर अच्छा कटहल खरीदने के लिए आतुर रहते हैं. यद्यपि कटहल को काटना और इसके चिपचिपे रेशो के मध्य से स्वादिष्ट पीला मांसल भाग निकालना दुष्कर कार्य है फिर भी लोग इसके स्वाद को बहुत पसंद करते हैं.

कटहल स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है

how to eat jackfruit in hindi

कटहल स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है, परन्तु इसके पूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए इसका सही तरीके से पाचन होना बहुत आवश्यक है. यह वजन बढ़ाता है और शरीर को शक्ति प्रदान करता है. इस फल में एंटीओक्सिडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते है और यह जरता (बढ़ती उम्र के लक्षण) को रोकता है. यह प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, रक्तचाप को कम करता है, केंसर को रोकता है, और आँखों के स्वास्थ्य को बेहतर करता है. भारतीय और चीनी चिकित्सा में इसका प्रयोग एरेक्टाइल डिसफंक्शन (लिंगोत्थान/ स्तम्भन दोष) में करने की सलाह दी जाती है.

कटहल के सेवन का स्वास्थ्यपरक तरीका क्या है ?

कई लोग इस फल का सेवन करने के बाद पेट दर्द, सूजन और उदरवायु (indigestion) की शिकायत करते हैं. आयुर्वेद के सिद्धांत के अनुसार कटहल अपनी चिपचिपी प्रकृति के कारण पाचन में भारी होता हिया और पेट में लम्बे समय तक रहता है. इसी कारण से पाचन सम्बन्धी समस्या होती है. पेट की समस्याओं से बचते हुए कटहल के सेवन का स्वास्थ्यपरक तरीका क्या है? आयुर्वेदिक आचार्य इसके लिए अग्रलिखित सलाह देते हैं-

  1. कटहल का सेवन सदैव तब करे जब आप भूखे हों, प्रयास यह किया जाए कि इसका सेवन भोजन के प्रारंभ में किया जाए. यह इस फल का सही पाचन करने में सहायक होगा. यदि इसका सेवन भोजन के बाद में किया जाएगा तो यह भोजन और फल दोनों के पाचन में व्यवधान उत्पन्न कर सकता है.
  2. कटहल के साथ भारी निरामिष भोजन, दालें (जैसे कुल्थी की दाल) या प्रोटीन युक्त अन्य गरिष्ठ भोजन का सेवन ना करे. यह अपच अथवा सतही तौर पर अपच के लक्षण प्रकट कर सकता है.
  3. कटहल और शहद एक बहुत अच्छा योग है. शहद कटहल का पाचन सरल कर देता है. सदैव शुद्ध शहद का ही प्रयोग करे.
  4. कटहल खाने के बाद मध्यम मसाले युक्त, सुपाच्य, हल्के और गर्म भोजन को प्राथमिकता दें. कटहल को पकाते समय आपकी व्यंजन विधी में काली मिर्च (pepper), हल्दी (turmeric) और जीरे (cumin seeds) को सम्मिलित करें, यह मसाले इस फल के पाचन में सहायता करते हैं.
  5. कभी भी इस फल का अत्याहार (बहुत अधिक खा लेना) ना करे, यह फायदे के स्थान पर नुक्सान कर सकता है.
  6. इस फल के सेवन के बाद ठन्डे पानी अथवा पेय पदार्थो के सेवन से पूरी तरह से बचे. इसके सेवन के पश्चात पूरे दिन गर्म पानी (warm water )का सेवन इसके पाचन में सहायक है और असहजता से बचाता है.
  7. सदैव स्वच्छता से कटे हुए फल खरीदें. कभी भी खुले में धूल प्रभावित स्थान पर रखे हुए कीटाणुओं को निमंत्रण देते फल ना खरीदें. प्रयास करें कि छिलके सहित पूरा फल ही ख़रीदें.
  8. गर्भवती महिलाएं (Pregnant women) , असाईटिस या जलोदर के रोगी और पाचन तंत्र की दूसरी समस्याओं से ग्रस्त रोगी इस फल का सेवन कतई ना करें. गर्भवती महिलाओं में यह आंतो की गतिशीलता बढ़ने का कारण बन सकता है, जिसके फलस्वरूप उनका संकुचन बढ़ सकता है, जो गर्भाशय के संकुचन को प्रेरित कर सकता है. इसलिए गर्भावस्था में कटहल का सेवन पूरी तरह मना है.

Free Ayurvedic Consultation

Call us at +91 9945995660 / +91 9448433911

Whats App + 91 6360108663/

Leave a Reply

Close Menu